रायपुर। कैल्शियम जमा होने से ब्लॉक हो चुकी दिल की धमनी का इलाज राज्य में पहली बार इंट्रा वैस्कुलर शॉकवेव लिथोट्रिप्सी पद्धति से हुआ। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में हुये इस प्रोसीजर में एक 62 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया गया। इलाज का पूरा खर्च डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत राज्य शासन ने वहन किया। इससे पहले इस पद्धति का उपयोग दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में किया गया है। छत्तीसगढ़ एवं विदर्भ में इस पद्धति के इस्तेमाल का यह पहला मौका है।












