दुर्ग। मातृभाषा हम सबको प्यारी होती है। जिन्दगी की शुरूवात हम मां की भाषा से ही करते हैं। जब हम दुख में होते हैं तो और अत्याधिक खुशी के क्षणों में सबसे पहले मां को याद करते हैं। किसी भी विषय को व्यक्त करने के लिए मातृभाषा सबसे अधिक सहायक होती है। उक्त विचार शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दी विभाग द्वारा आयोजित विश्व मातृभाषा दिवस का उद्घाटन करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. एम.के. सिद्दीकी ने व्यक्त किये।












