दुर्ग। यूजीसी के नियमानुसार प्रत्येक महाविद्यालय द्वारा नैक से मूल्यांकन कराना तथा ग्रेड प्राप्त करना आवश्यक है। इसके अभाव में सत्र 2022 के पश्चात् यूजीसी ने मिलने वाली सहायता राशि रोकी जा सकती है। यह जानकारी आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग के आईक्यूएसी सेल द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय बेबीनार के दौरान आमंत्रित वक्ताओं ने दी। महाविद्यालय आईक्यूएसी सेल की संयोजक डॉ पदमावती तथा नैक समन्वयक डॉ जगजीत कौर सलूजा ने बताया कि इस राष्ट्रीय बेबीनार में 14 प्रदेशों के 675 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।












