भिलाई। अस्थमा, सीओपीडी, सिस्टिक फाइब्रोसिस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी में चेस्ट फिजियोथेरेपी का आम तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। कोरोना संक्रमित लोगों के इलाज में भी यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोरोना के गंभीर मरीजों को चेस्ट फिजियोथेरेपी दिए जाने की सलाह खुद वर्ल्ड कंफेडरेशन फॉर फिजिकल थेरेपी ने अपनी पत्रिका में भी दी है। फेफड़ों का अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना जरूरी है। वर्ल्ड फिजियोथेरेपी दिवस पर आज हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ आबिया खान ने उक्त बातें कहीं।












