दुर्ग। गतिशील रहना ही खिलाड़ी की वास्तविक पहचान है। खिलाड़ियों को ईमानदारी, समर्पण एवं निष्ठा के साथ खेलों का अभ्यास करना चाहिए। ये उद्गार छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा सचिव धनंजय देवांगन ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित खिलाड़ी छात्र-छात्राओं के ऑनलाईन सम्मान समारोह में व्यक्त किये। श्री देवांगन ने कहा कि जिस प्रकार ठहरा हुआ पानी अथवा वायु प्रदुषित हो जाते हैं उसी प्रकार ठहरा हुआ खिलाड़ी कभी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। खेलने से शारीरिक एवं मानसिक दोनों प्रकार की क्षमता में वृद्धि होती है। हममे से प्रत्येक को प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए।












