नई दिल्ली। प्रसिद्ध छाती रोग विशेषज्ञ एवं ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) नई दिल्ली के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि आक्सीजन एवं रेमडेसिविर की आवश्यकता सभी मरीजों को नहीं होती। रेमडेसिविर का अंधाधुंध प्रयोग कोई लाभ पहुंचाने के बजाय जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के 85 से 90% मरीज घर पर रहकर ठीक हो सकते हैं।












