भिलाई। मानसिक व्याधि की न केवल पहचान मुश्किल है बल्कि इसका इलाज भी लंबा खिंचता है। रोगी की अवस्था गंभीर होने पर उसे अस्पताल में रखकर इलाज करने की जरूरत होती है पर घर पर रखकर उनका इलाज करना ज्यादा अच्छे परिणाम देता है। उक्त बातें ओंटारियो कनाडा में मानसिक स्वास्थ्य पर काम कर रहीं सीनू कोशी ने आज एमजे कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा विश्व सीजोफ्रेनिया दिवस पर आयोजित वेबीनार में साझा की। वे स्रोत व्यक्ति के रूप में इस वेबीनार को संबोधित कर रही थीं।












