दुर्ग। नई पीढ़ी को जीन जीन-विज्ञान की उपयोगिता से अवगत कराने तथा कोविड सहित आने वाली अनेक बीमारियों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विश्वनाथ यादव तामस्कर पीजी स्वशासी महाविद्यालय में एक दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। गुजरात के सरदार कृषिनगर कृषि विश्वविद्यालय के शोध विज्ञानी डॉ गौरव एस दवे ने जीन विज्ञान तथा उसकी विभिन्न विधियों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह यह संक्रामक रोगों की पहचान, निदान एवं चिकित्सा में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।












