दुर्ग। नैक द्वारा महाविद्यालयों के मूल्यांकन एवं प्रत्यायन से महाविद्यालयों के विभिन्न विभागों तथा शैक्षणिक स्टाफ में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास होता है। सभी महाविद्यालयों को स्वेच्छा से नैक मूल्यांकन हेतु प्रयास करना चाहिये। ये उद्गार छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग के सचिव धनंजय देवांगन ने आज व्यक्त किये। श्री देवांगन हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा आयोजित आनलाईन कार्यशाला के समापन समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी संबोधित कर रहे थे।












