भिलाई। पानी को मुफ्त की सहूलियत मानकर हमने उसका भरपूर दुरुपयोग किया है। पर बढ़ती आबादी के साथ पानी का मोल भी हमें समझना होगा। याद रखें कि पानी के लिए राज्यों के बीच झगड़े होते हैं तथा कभी भी वह दिन आ सकता है जब पानी के लिए विश्व युद्ध हो जाए। पानी बचाने के लिए लगातार नई तकनीकें आ रही हैं पर हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी जागरूक होकर पानी की बर्बादी रोकनी होगी। उक्त जानकारी एक्रेडिटेड एनर्जी ऑडिटर मूलचंद जैन ने एमजे कालेज में आयोजित जलसंरक्षण वेबीनार में दीं।












