दुर्ग। स्टेमसेल थेरेपी संजीवनी की तरह है। यह शरीर के विकारग्रस्त अंग को दोबारा पूर्वावस्था में लौटा ले जाने की क्षमता रखता है। मनुष्यों को होने वाली 70 फीसदी बीमारियों में यह उपचार कारगर हो सकता है। इन रोगों को लाइलाज माना जाता है जिसमें जीवन भर दवा लेनी पड़ती है। इस थेरेपी की मदद से एक ऐसे कोविड मरीज को ठीक करने में सफलता मिली जो 60 दिन से कोमा में था। यह बातें स्टेम सेल बायोलॉजिस्ट एवं जियोस्टार के संस्थापक डॉ आनंद श्रीवास्तव ने आज कहीं।












