Wind Turbine

RCET Professor finds a way to utilize wind energy in Chhattisgarh

भिलाई। छत्तीसगढ़ में हवा से बिजनी बनाने की अच्छी संभावना है। इससे न केवल ग्रामीण इलाकों में घरेलू बिजली की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा बल्कि कृषि पम्प भी चलाए जा सकेंगे। यह ऊर्जा का एक अक्षय स्रोत है और एक बार इंस्टाल कर देने पर इसके रखरखाव पर बहुत कम खर्च आता है। यह शोध संतोष रूंगटा ग्रुप (आर-1) द्वारा संचालित आरसीईटी के प्रोफेसर अलबर्ट जॉन वर्गिस ने तैयार किया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विंड एनर्जी (निवे) भी इस प्रोजेक्ट से सहमत है।

Full size460 × 300

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *