भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय की अंकुरण इकाई द्वारा सुखे फल, फूल, टहनी एवं अनुपयोगी सामानों से कलात्मक पॉट, गुलदस्ता, झूमर एवं फाउन्टेन बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह एक जापानी कला है जिसे इकेबाना कहा जाता है। अंकुरण इकाई कि संयोजिका सुनीता शर्मा ने बताया कि हम अपने आस-पास पड़े सुखे फल, फूल, टहनी, पत्तियों से सुंदर सजावट के सामान बना सकते हैं।












