भिलाई। पद्मविभूषण डॉ तीजन बाई आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है। बुलन्द आवाज और उत्कृष्ट अभिनय के लिए परिचित डॉ तीजन ने पण्डवानी में नए प्रयोग किये और गली मोहल्ले की इस कला को उठाकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचा दिया। लुप्त होती लोककला पण्डवानी से स्कूली बच्चों का परिचय कराने भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटैक) की विरासत शिक्षा व संचार सेवा के सहयोग से दुर्ग भिलाई अध्याय द्वारा आज यह आयोजन किया गया था।












