भिलाई। लोक वाद्यों का उद्भाव शिकार, युद्ध, सूचना में सहायक के रूप में हुआ। भारत में लोक वाद्यों का इतिहास एक हजार साल से भी अधिक पुराना है। प्रसिद्ध लोक कलाकार एवं लोक वाद्यों के संग्राहक रिखी क्षत्रिय ने इसकी रोचक जानकारी भारतीय सांस्कृतिक निधि (इन्टैक) से जुड़े बच्चों को एक कार्यशाला में दी। इस कार्यशाला में 18 स्कूलों के 194 विद्यार्थी अपने शिक्षक प्रभारियों के साथ ऑनलाइन शामिल हुए।












