दुर्ग। छत्तीसगढ़ की 11.7 फीसदी आबादी मानसिक विकारों से ग्रसित है. राष्ट्रीय स्तर पर यह संख्या आबादी की 10.6 फीसदी है. कोविड काल के दौरान राज्य में आत्महत्या और नशाखोरी के मामलों में भी लगभग 30 फीसदी का उछाल आया है. जागरूकता के अभाव में स्थिति बिगड़ती जा रही है. अधिकांश रोगी तभी अस्पताल लाये जाते हैं जब चिकित्सा सेवाओं की पूर्ण उपयोगिता सिद्ध नहीं हो पाती.












