भिलाई। गुण्डरदेही की एक 13 साल की बच्ची को पेट दर्द, बेहोशी, पानी की कमी आदि की शिकायतों के साथ हाइटेक अस्पताल लाया गया था। जांच करने पर पहली बार उसके टाइप-1 डायबिटीज होने का खुलासा हुआ। वह डायबिटिक कीटोएसिडोसिस का शिकार थी जो जानलेवा साबित हो सकती थी। समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण उसकी स्थिति को तत्काल नियंत्रित करने में सफलता मिली और रोगी की जान बच गई।












