भिलाई। एक्सीडेंट के बाद सरकारी अस्पताल में अच्छा खासा इलाज चल रहा था पर कुछ लोगों के बहकावे में आकर वह बाबा की शरण में पहुंच गया। बाबा ने पैर पर जड़ी बूटी का लेप लगा दिया। इधर भीतर नस दबी रही और पैर सूखता चला गया। अंततः वह हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल पहुंचा जहां सर्जरी कर उसके पांव को नया जीवन दिया गया।












