लखनऊ। मधुमेह के नाम में भले ही शहद की मिठास हो किन्तु यह रोगी के जीवन में करेले से भी ज्यादा कड़वाहट घोल देती है। भारत में इसके 7 करोड़ 40 लाख ज्ञात मरीज हैं। जिस रफ्तार से इसके मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए भारत को दुनिया का डायबिटिक कैपिटल भी कहा जाता है। सीमैप ने इसके इलाज का नया तरीका ढूंढा है। सीमैप को मीठी मुलेठी की जड़ों से मधुमेह की दवा बनाने में सफलता मिली है।












