Maa Bamleshwari Dongargarh

Dongargarh The story

डोंगरगढ़। ईश्वर हमेशा प्रेमियों का साथ देते हैं। प्राचीन कामाख्या नगरी के दरबारी संगीतकार माधवानल और राजनर्तकी कामकंदला का मिलन कराने के लिए माता विमला यहां अवतरित हुईं थीं। उन्हें यहीं पर्वत शिखर पर मंदिर बनाकर प्रतिष्ठित कर दिया गया। वही विमला माता आज मां बम्लेश्वरी के रूप में विख्यात हैं। पहाड़ी पर स्थित किले के कारण इस स्थान का नाम डोंगर (पहाड़) गढ़ (किला) पड़ गया। कहते हैं डोंगरगढ़ आने वाले प्रेमी युगलों की सहायता माता स्वयं करती हैं।

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