भिलाई। संक्रामक बीमारियों से लोगों को बचाने में जितना हाथ मास्क, सैनेटाइजर, दवा या सोशल डिस्टेंसिंग का है, उससे कहीं बड़ी भूमिका लोगों की अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता की है। जड़ी-बूटियों, तरी-तरकारियों और मसालों के इस देश में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के सभी उपाय मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ ने इसी का सहारा लिया है। महिला स्व-सहायता समूह एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इसे एक अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही हैं।












