दुर्ग। विद्यार्थी स्टार्टअप एवं स्वरोजगार के बारे में सोच विचार करें। बढ़ती जनसंख्या के कारण प्रत्येक विद्यार्थी को शासकीय नौकरी मिल पाना संभव नहीं है। अतः बेहतर जीवन यापन के लिए विद्यार्थियों को स्टार्टअप, उद्यमिता एवं स्वरोजगार के प्रयास करने चाहिए। ये उद्गार हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ अरूणा पल्टा ने व्यक्त किये।












