भिलाई। जीवन के उतार चढ़ाव कभी डराते हैं तो कभी उलझाते हैं। यही उतार चढ़ाव सिखाते और सुलझाते भी हैं। एक शिक्षक का जीवन सैकड़ों विद्यार्थियों से जुड़ा होता है। विद्यार्थी जितना उनसे सीखते हैं, उससे कहीं ज्यादा उन्हें सिखा जाते हैं। अपने जीवन के इन्हीं अनुभवों को “जीवन के निशान” में साझा किया है डॉ मिट्ठू एवं सीए प्रवीण बाफना ने। अनुभवों के इस सार को हिन्दी और अंग्रेजी में 125 पन्नों में समेटा गया है।












