भिलाई। अनुसुइया की गर्दन में सात साल पहले लगी चोट का असर अब जाकर सामने आया। इसी साल जनवरी में उसकी तकलीफ बढ़ गई और धीरे-धीरे बायां हाथ और बायां पैर सुन्न पड़ गया। उसे गंभीर अवस्था में हाईटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल लाया गया। उसकी गर्दन की हड्डी अपनी जगह पर घूम गई थी। सर्जरी के बाद अब उसकी स्थिति बेहतर है तथा हाथ पैर में जान लौटने लगी है।












