दुर्ग। वैसे तो मौसम लगातार बदलता रहता है पर कुछ अवसरों पर यह परवर्तन जीव-जंतुओं पर भारी पड़ता है। मौसम विभाग मौसम में होने वाले परिवर्तनों एवं इसके कारकों पर लगातार नजर रखता है और समय-समय पर आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण सूचनाएं जारी करता है। इन सूचनाओं को समझकर हम अपने बचाव की बेहतर तैयारी कर सकते हैं। 2016 में इंग्लैंड से इसे कलर कोड के रूप में जारी करने की शुरुआत की गई। इसकी विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रसिद्ध भूगर्भशास्त्री एवं हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ प्रशांत श्रीवास्तव।












