महासमुन्द। वह सभी काम अपने पैरों से करती है। रसोई के सारे काम करने के अलावा वह पैरों से लिखती भी है। मोबाइल चलाने में भी उसे कोई परेशानी नहीं होती। अब वह 30 साल की है। हाल ही में उसने प्रौढ़ शिक्षा की महापरीक्षा में कामयाबी हासिल कर सबको चौंका दिया। वह उन सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है जो हमेशा कुछ न कुछ न होने का रोना रोते रहते हैं।












