भिलाई। शहरी गौठान कोसानगर इन दिनों स्वसहायता समूहों की आजीविका का साधन बना हुआ है। यहां गोबर से खाद आदि बनाने के साथ ही इस कैंपस का उपयोग फायटोराइट पद्धति से मछली पालन के लिए भी किया जा रहा है। स्वसहायता समूह की महिलाएं गौठान में मछली पालन कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। महापौर नीरज पाल शासन की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत गौठान में मछली पालन को बढ़ावा दे रहे हैं।












