राजधानी के एक गौठान में लगभग आधा दर्जन गायों की मौत हो गई. पशु चिकित्सकों ने इस स्थल को मवेशियों के रहने के लिए अनुपयुक्त बताया. इसके बाद गायों को यहां से शिफ्ट कर दिया गया. पिछले कुछ दिनों की बारिश के बाद अधिकांश गौठानों का यही हाल है. गौठान ही क्यों, निचली बस्तियां भी इंसानों के रहने लायक नहीं रह गई हैं. बढ़ी हुई नमी, कीचड़ और दूषित जल के कारण लोगों का जीना मुहाल है. गौठानों, गौशालाओं और कांजी हाउसों में गायों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है.












