दुर्ग। प्रतिभाओं का सम्मान अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी होता है। प्रावीण्य सूची में आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित होते देखकर अन्य विद्यार्थियों के मन में भी इसी तरह उच्च अंक प्राप्त करने की इच्छा जागृत होती है। प्रत्येक महाविद्यालय को प्रावीण्य सूची के प्रथम 10 विद्यार्थियों का सम्मान कर उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए। ये उद्गार हेमचंद यादव की कुलपति डॉ अरूणा पल्टा ने आज समाधान महाविद्यालय बेमेतरा द्वारा आयोजित पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित कर रही थीं।












