कोरबा। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कोरवा और बिरहोर जनजाति का एक भी युवा अब बेरोजागर नहीं रहेंगे। शासन ने इन्हें तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर पदस्थ करने का निर्णय लिया है। जिले में पांचवी से स्नातकोत्तर तक पढ़े-लिखे युवाओं की संख्या 322 है। इससे पहले इन्हें लाइवलिहुड कालेजों में प्रशिक्षित कर नौकरियां दिलाई गई थीं पर इन्हें वो नौकरियां रास नहीं आईं। इसलिए अब नए सिरे से प्रयास किये जा रहे हैं।












