Traditional Tatoo Bastar

Bastar Tatoo designs spreading wings

जगदलपुर। गोदना एक बेहद प्राचीन परम्परा है। हिन्दी फिल्मों में भी इसका खूब इस्तेमाल किया गया है। पर भारतीय गोदना आकृतियों पर विदेशी डिजाइन हावी होते चले गए। लोग तरह-तरह के जीव जंतुओं का गोदना (टैटू) बनाने लगे। इससे शरीर के एक बड़े भाग को आच्छादित किया जाने लगे। बस्तर प्रशासन ने टैटू की इस लगातार बड़ी होती दुनिया का दोहन करने की तैयारी कर ली है। अंतर केवल यह है कि इसमें बस्तर की पारम्परिक गोदना आकृतियों को नई पद्धति से लगाया जा रहा है। युवाओं को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।

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