जगदलपुर। 7 साल के पिताम्बर मांझी को जब अस्पताल लाया गया था तो वह नीम बेहोशी की स्थिति में था। उसे मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। उसके दोनों फेफड़ों में निमोनिया था और बालक रेस्पिरेटरी फेल्यर के साथ ही पेरिफेरल सरेकुलेटरी इंसफिशिएंसी का शिकार था। 140 घंटे वेंटीलटर पर रहने के बाद अब उसकी हालत स्थिर है। बालक 100 घंटे बाद कोमा से बाहर आया था।












