भिलाई। चिकित्सकीय लापरवाही का ऐसा खामियाजा एक 45 वर्षीय महिला को भुगतना पड़ा कि उसकी जान पर बन आई. उसने बार-बार अपनी तकलीफ की शिकायत की पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. अंततः उसे आरोग्यम लाया गया जहां मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ नवीनराम दारुका ने उनकी जांच की. दरअसल बच्चेदानी निकालने के दौरान मरीज के मूत्राशय में छेद हो गया था. इसमें मूत्रमार्ग से कैथेटर डालकर ब्लैडर की जांच की जाती है. मरीज को वैसिकोवैजिनल फिस्टुला था.












