संबलपुर। सोई हुई जतना को जगाने तथा दिलों में जोश भरने में सक्षम है राष्ट्रकवि दिनकर की कविताएं। गंगाधर मेहेर विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग की ओर से हिन्दी पखवाड़ा सहित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर आयोजित समारोह में वक्ताओं ने यह बात कही। अतिथि वक्ता प्रो. कमल प्रभा कपानी सेवानिवृत्त प्राचार्य पंचायत महाविद्यालय बरगढ़ ने दिनकर कविताओं पर चर्चा करती हुई कहा कि दिनकर की कविताएँ देश की संस्कृति, विकास की गाथा है। दिनकर केवल कवि नहीं हैं वह एक चिंतक भी हैं।












