रायगढ़. वनवास के दौरान जब सीता प्यास से व्याकुल हो उठी थी तो श्रीराम ने अपने तीर से पाताल को भेद कर पानी का सोता बहा दिया था. यह सोता आज भी छत्तीसगढ़ में विद्यमान है. इस सोते का पानी कभी सूखता नहीं है. निरंतर बहते इस निर्मल जल के बारे में यह भी कहा जाता है कि इसे पीने से बहुत से रोगों का शमन हो जाता है. इस प्राकृतिक जलकुंड को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं. इस स्थल का उन्नयन पर्यटन स्थल के रूप में किया जा रहा है.












