भिलाई। स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल की लड़कियां यौन उत्पीड़न की सॉफ्ट टारगेट होती हैं. कभी संकोच वश तो कभी समाज या परिवार के डर से वे चुप रहती हैं. वे विरोध भी करती हैं तो तभी जब पानी नाक से ऊपर आ जाता है. न तो वे घर वालों से कुछ कह पाती हैं और न ही पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का लाभ उठाती हैं.












