भिलाई। एमजे कालेज का भ्रमण दल शनिवार को छत्तीसगढ़ के प्रथम एवं एकमात्र प्रवासी पक्षी विहार स्थल पहुंचा. गिधवा-परसदा और उसके आसपास के पांच-छह गांवों में नवम्बर से मार्च तक प्रवासी पक्षियों के मेला भरता है. स्थानीय ग्रामीण इन विदेशी पंछियों को अपना मेहमान मानते हैं तथा उनका शिकार करना तो दूर, उनके विहार में किसी भी प्रकार का विघ्न नहीं डालते. बल्कि ऐसा करने वालों पर गांव वाले डांड भी लगाते हैं. छत्तीसगढ़ की पहुना संस्कृति की यह एक जीवंत मिसाल है.












