14 नवम्बर को बालदिवस के साथ ही डायबिटीज डे भी है. दोनों के बीच गहरा संबंध है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 2.5 लाख बच्चे टाइप-1 डायबिटीज के शिकार हैं. पर इससे भी कहीं बड़ी संख्या टाइप-2 डायबिटीज वाले बच्चों की है. देश में डायबिटीज के ज्ञात रोगियों की संख्या 7.7 करोड़ है जो 2045 तक बढ़कर 13.4 करोड़ हो सकती है. बच्चों में मोटापा और डियबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. एम्स के विशेषज्ञों की मानें तो ज्यादातर खाते-पीते परिवारों के बच्चे ही इसका शिकार हो रहे हैं.












