यह कहावत थोड़ी पुरानी जरूर है पर है बड़े काम की. वैसे आधुनिक दौर मोटिवेशनल स्पीकर्स का है. अब यह कहा जाता है कि जब आप एक उंगली दूसरे की ओर करते हो तो तीन उंगलियां आपकी तरफ हो जाती हैं. कान को चाहे जिधर से घुमा कर पकड़ो, पकड़ा कान ही जाता है. यह तो पकड़वाने वाले पर निर्भर है कि वह कान वैसे ही पकड़वा देता है या मुर्गा बनाकर. छत्तीसगढ़ में भाजपा चार साल सत्ता से दूर क्या रही, उसका मानसिक संतुलन की गड़बड़ा गया है. अब तक उछाले गए सारे मुद्दे मुंह के बाल धड़ाम हो गये. लिहाजा अब एक नया मुद्दा और ढूंढ लाए हैं. बिजली बिल हाफ करने के वायदे का.












