भिलाई। साइबर क्रिमिनल आमतौर पर शनिवार की शाम या छुट्टियों से ठीक पहले वाले दिन अपने शिकार का बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं. जिस बैंक में लोग अपने जीवन भर की कमाई को रखते हैं उसका लैंड लाइन नम्बर या कोई सम्पर्क नम्बर तक उनके पास नहीं होता. इतनी समझाशों के बाद भी लोग फोन पर न केवल अंजान लिंक्स को क्लिक कर रहे हैं बल्कि फोन पर ओटीपी भी शेयर कर रहे हैं. उक्त बातें दुर्ग पुलिस साइबर टीम के सदस्य जावेद खान ने आज एमजे कालेज में कहीं.












