राजस्थान के जयपुर स्थित गोविंदगढ़ की पूजा सिंह शेखावत ने बचपन से ही पति-पत्नी के बीच होते झगड़े और टूटते हुए घर देखे थे. घर घर में होती किचकिच ने उसे इतना डराया कि उसने विवाह नहीं करने का फैसला कर लिया. पर समाज ने इतने ताने मारे कि अंततः उसे विवाह का फैसला लेना पड़ा. उसने यह भी देखा था कि तुलसी का विवाह शालिग्राम से करवाया जाता है. उसने पंडित से पूछा, मां की सहमति ली और हो गई अपने ठाकुरजी की.












