छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा से भाषा का एक पर्चा हटा लिया है. अब विद्यार्थी को केवल एक ही मुख्य भाषा की परीक्षा देनी होगी. दूसरे पर्चे के स्थान पर 10 व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है. इसका एक फायदा यह होगा कि विद्यार्थी को 12वीं पास करने के बाद विषय चुनने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी. उसे एक दिशा 12वीं कक्षा में ही मिल जाएगी. दूसरा बड़ा फायदा यह होगा एक अनावश्यक विषय से वह बच जाएगा. वैसे भी भाषा की कक्षा में बैठता कौन है?












