जगदलपुर. गोधन न्याय योजना का अगला चरण बस्तर संभाग से शुरू हो रहा है. यहां 500 किलो गोबर और 100 लीटर पानी से प्रतिदिन 10 किलोवाट बिजली बनाई जाएगी. राज्य सरकार ने इसके लिए भाभा एटॉमिक रिसर्च सेन्टर बार्क से करार किया है. यही नहीं, बस्तर में कचरे से पाली एथिलीन और पाली प्रोपेलिन की गोलियां तैयार की जाएगी. इसके लिए विक्रम साराभाई – सेंटर फॉर इनवायरनमेंट एजुकेशन के साथ अनुबंध किया गया है.












