Progressive Literature Science College

Progressive literature upholds the law of humanity - Dr Shrivastava

दुर्ग. जहां मतलब निकल रहा हो वहां भावुकता और अनावश्यक होने पर कट्टर निरंकुश हो जाओ यही पूंजीवाद है. पूंजीवाद हमारी हर पवित्र वस्तु को नष्ट कर देता है, मनुष्य को अमानवीय बना देता है. मनुष्य और मनुष्य के बीच विभेद पूंजीवादी व्यवस्था की देन हैं स गरीबी ईश्वर की कोई योजना नहीं है यह शोषक व्यवस्था की उपज है. मार्क्स ने समाजवाद की बात की जहां अमीरी और गरीबी के भेद को मिटाया जा सकता है.

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