छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर में कबीर शोध संस्थान स्थापित करने की घोषणा की है. कबीर जयंती पर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने भी एक प्रस्तुतिकरण प्रतियोगिता का आयोजन किया. 2018 में उत्तरप्रदेश के संतकबीरनगर में भी कबीर शोध संस्थान की नींव रखी गई. यहां मगहर में कबीर की कर्मभूमि है. यहीं वह गुफा है जहां वे तपस्या करते थे. यहीं उनका मजार और उनकी समाधि है. कबीर की उनके समय में भी ज्यादा लोगों ने नहीं सुनी. कबीर को हम सभी ने पढ़ा है. स्कूली किताबों में कबीर के दोहे होते थे, साखियां होती थीं और वार्षिक परीक्षा में इसपर सवाल भी किये जाते थे.












