परेड का नाम सुनते ही आंखों के आगे देश के गणतंत्र दिवस परेड का दृश्य घूम जाता है. इसमें देश की सेना अपने दम-खम, अपने सजीले बांकपन का प्रदर्शन करती है. पूरा देश इस परेड को सलामी देता है और ये जवान तिरंगे को सलामी देते हैं. अन्यान्य विधाओं में इस तरह के परेड का चलन रहा है. कभी अखाड़ा पार्टियां भी इस तरह की परेड निकालकर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करती थी. शस्त्र पूजन किया जाता था. तीन-चार दशक पहले तक भिलाई की सड़कों से होकर भी अखाड़ा पार्टियों को लोगों ने गुजरते देखा है.












