भिलाई। अपने आसपास हम जो कुछ भी देखते हैं, जिस सोने का आभूषण पहनते हैं, यहां तक कि हम स्वयं लाखों वर्ष पूर्व हुई खगोलीय घटनाओं की उत्पत्ति हैं. सूर्य से भी बड़े तारे एक धमाके के साथ खत्म हो जाते हैं और छोड़ जाते हैं आकाशीय धूल का एक गुबार जो फिर से इकट्ठा होकर एक नए पिंड को जन्म देता है. ऐसी ही किसी घटना से पृथ्वी का जन्म हुआ और ऐसी ही किसी घटना से एक दिन सूर्य भी चला जाएगा. उक्त जानकारी प्रसिद्ध ‘स्काई गेजर’ विक्रम विरुलकर ने एमजे कालेज के विद्यार्थियों को दी.












