भिलाई. कभी कभी प्राकृतिक घटनाएं भी जान पर बन आती हैं. कुछ ऐसा हुआ था 26 वर्षीया निकिता धोटे के साथ. पिछले साल गर्मियों के दौरान एक दिन जब वह ड्यूटी से लौट रही थी तो तेज अंधड़ चली. रास्ते में एक विशाल पेड़ उसपर आ गिरा. उसकी कमर और पीठ पर गंभीर जख्म लगे. एक स्थानीय अस्पताल (हाईटेक नहीं) में उसकी सर्जरी हुई पर वह कभी बिस्तर से उठ नहीं पाई. जनवरी में वह हाइटेक पहुंची. 22 दिन की मेहनत के बाद न्यूरो सर्जन और फिजियो की टीम ने उसे दोबारा अपने पैरों पर खड़ा कर दिया.












