दुर्ग. भारती विश्वविद्यालय में समाजकार्य विभाग और भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘व्यक्तित्व विकास में शिक्षा की भूमिका’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. के. एल. तांडेकर, प्राचार्य शासकीय दिग्विजय काॅलेज, राजनांदगांव ने अपना वक्तव्य दिया. उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व को निखारने व संस्कारवान बनाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है.












