क्या आदिवासी भी हिन्दू हैं? इसका जवाब हां भी है और नहीं भी. हिन्दुत्व की सार्वभौम परिभाषा में आदिवासी ही क्यों, सभी धर्म के लोग हिन्दू हैं. इस हिन्दुत्व की परिभाषा “वसुधैव कुटुम्बकम” पर आधारित है. इसमें मनुष्य स्वयं प्रकृति का हिस्सा है और उसके साथ तालमेल बैठाकर जीवनयापन करता है. पर हिन्दुत्व की जो नई परिभाषाएं समय-समय पर गढ़ी जाती रही हैं, उसके साथ हो सकता है आदिवासी समुदाय तालमेल न बैठा पा रहा हो. हिन्दुत्व की राक्षसी परिभाषाएं गढ़ने वाले धरती पर से उन लोगों का सफाया करना चाहता है जो उनकी सोच को साझा नहीं करते.












